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National symbols/राष्ट्रीय प्रतीक

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक  part-1



राष्ट्रीय ध्वज: तिरंगा

राष्ट्रीय ध्वज नेशनल फ्लैग को तिरंगा के नाम से जाना जाता है। भारतीय संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को इसको राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के रूप में अपनाया । इसे 14 अगस्त 1947 को संविधान सभा के रात्रि कालीन अधिवेशन राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस तिरंगे झंडे में तीन आडी पट्टियां है। इस ध्वज की लंबाई व चौड़ाई का अनुपात 3:2 है इस ध्वज के बीच में नीले रंग  का 24 तिलिया वाला अशोक चक्र है जो देश को धर्म और इमानदारी से उन्नति की ओर ले जाने को प्रेरणा देता है। 24 तिलक 24 घंटे का प्रतीक है इस सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ से लिया गया है । इस ध्वज में सबसे ऊपर गहरा केसरिया रंग होता है जो साहस और बलिदान का प्रतीक है। बीच में सफेद रंग होता है जो सत्य और शांति का प्रतीक है और सबसे नीचे हरा रंग होता है जिसे विकास उर्वरता विश्वास और शौर्य प्रतीक माना जाता हैं ।सर्वप्रथम 7 अगस्त 1960 को कोलकाता के पारसी बागान चौराहे पर  हरा, पील और लाल रंग की  ऑडी पटिया वाला तिरंगा ध्वज को राष्ट्र ध्वज के रूप में फहराया गया ।
22 अगस्त 1960 को जर्मनी के शहर स्टुटगार्ट मैं इंटरनेशनल सोशलिस्ट कांग्रेस के सम्मेलन में मैडम कामा इसी ध्वज को कुछ परिवर्तन रूप में फहराया।
आजादी के बाद देश के बाहर विदेशी जमीन पर पहली बार ऑस्ट्रेलिया में आधिकारिक रूप से तिरंगे झंडे को फहराया गया।
29 मई 1953 को पहली बार तिरंगा माउंट एवरेस्ट पर तेनसिंह और सर एडमंड हिलेरी द्वारा फैलाया गया।
1971 में अमरीका के अपोलो 15 नामक अंतरिक्ष यान द्वारा भारत के राष्ट्रीय झंडे को सबसे पहले अंतरिक्ष में फहराया गया।
9 जनवरी 1987 को जर्नल जेके बजाज ने दक्षिण ध्रुव पर तिरंगे को सबसे पहले फहराया था।
5 अप्रैल 1984 को भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा तिरंगी को स्पेस सूट पर बैच के रूप में लगाकर अंतरिक्ष में पहुंचे। 15 नवंबर 2018 को भारत ने चांद पर भी अपना राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस प्रकार चांद पर ध्वज फहराने वाला भारत विश्व का चौथा देश बन गया इससे पूर्व अमेरिका रूस और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने भी अपना दर्ज कराया है।
26 जनवरी 2002 को ध्वज संहिता भारत का स्थान भारतीय ध्वज संहिता 2002 ने ले लिया इस व्यवस्था के अनुसार अब आम नागरिक अपनी निजी संस्थाओं शिक्षण संस्थाओं में सम्मानित तरीके से साल में किसी दिन भी ध्वजारोहण कर सकता है।
राष्ट्रध्वज के कुछ रोचक तत्व Indian flag in Hindi

1-संसद भवन एकमात्र ऐसा भवन है जहां पर एक साथ तीन राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाते हैं।
2-राष्ट्रीय ध्वज हमेशा खादी सिल्क या कॉटन का बना होना चाहिए।
3-भारत के राष्ट्रीय ध्वज को पिंगली वेंकैया ने डिजाइन किया था।
4-भारत के राष्ट्रीय ध्वज को राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति यह भारत के प्रधानमंत्री के मृत्यु पर और राष्ट्रीय शोक पर झुकाया जाता है।
5-झंडे को आधा झुकाने से पहले इसे ऊपर ऊठाया जाता है। इस स्थित का अर्थ होता है कि राष्ट्र को गर्वांवित करना और चिंता के साथ सम्मान से विदाई देना ।




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