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National symbols/राष्ट्रीय प्रतीक भारत के राष्ट्रीय प्रतीक  part-1 राष्ट्रीय ध्वज: तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज नेशनल फ्लैग को तिरंगा के नाम से जाना जाता है। भारतीय संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को इसको राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के रूप में अपनाया । इसे 14 अगस्त 1947 को संविधान सभा के रात्रि कालीन अधिवेशन राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस तिरंगे झंडे में तीन आडी पट्टियां है। इस ध्वज की लंबाई व चौड़ाई का अनुपात 3:2 है इस ध्वज के बीच में नीले रंग  का 24 तिलिया वाला अशोक चक्र है जो देश को धर्म और इमानदारी से उन्नति की ओर ले जाने को प्रेरणा देता है। 24 तिलक 24 घंटे का प्रतीक है इस सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ से लिया गया है । इस ध्वज में सबसे ऊपर गहरा केसरिया रंग होता है जो साहस और बलिदान का प्रतीक है। बीच में सफेद रंग होता है जो सत्य और शांति का प्रतीक है और सबसे नीचे हरा रंग होता है जिसे विकास उर्वरता विश्वास और शौर्य प्रतीक माना जाता हैं ।सर्वप्रथम 7 अगस्त 1960 को कोलकाता के पारसी बागान चौराहे पर  हरा, पील और लाल रंग की  ऑडी पटिया वाला तिरंगा ध्वज को राष्ट्र ध्वज के रूप म...

कभी ख़त्म नहीं होगा कोरोना

शायद कभी खत्म न हो कोरोना :WHO कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच बुधवार को WHO के एक सीनियर अधिकारी ने कहा है शायद दुनिया से कभी खत्म नहीं होगा कोरोना वायरस। WHO के वरिष्ठ अधिकारी माइकल जे रेयान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि corona virus भी शायद HIV जैसी बीमारियों की तरह हमारे साथ रहे यानी संभव है इसका इलाज ना मिले एचआईवी के लिए कई तरह की दवाइयां आई है परंतु उसको अभी तक खत्म नहीं किया जा सका है coronavirus आज वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है । डब्ल्यूएचओ के अधिकारी डॉ रेयान ने यह भी कहा है कि अगर corona virus  की वैक्सीन आ भी जाती है तो इसका विश्व डोज  बनाना और भी मुश्किल होने वाला है क्योंकि इसके साथ चुनौतियां बढ़ती जा रही है । डॉक्टर रेयान ने कहा जब तक वैक्सीन नहीं आती लोगों में इम्यूनिटी  बनाने में कई साल लग सकते हैं।  आज पूरी दुनिया भर के देशों ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए लॉक डाउन लगा रखा है जिसकी वजह से बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान हो रहा है आर्थिक मंदी को रोकने के लिए बहुत से देश  lockdown खोलने की कोशिश कर रहे हैं  लेकिन वायरस ...

Tobacco use and covid-19

WHO statement: Tobacco use and covid-19 कोरोना महामारी के बीच कुछ लोग कहते हैं कि जो लोग ध्रूमपान या तम्बाकू का सेवन करते हैं उनको corona virus नहीं होगा इस बीच WHO ने तम्बाकू का सेवन और covid-19 पर एक स्टेटमेंट दिया है । विश्व तम्बाकू दिवस 31 मई को मनाया जाता हैं। तम्बाकू से हर साल पूरी दुनिया मे 8 मिलियन से ज़्यादा मौत होती हैं जिसमे 7 मिलियन तम्बाकू या ध्रूमपान के सेवन से होती है और 1.2मिलियन सेकंड हैंड स्मोकिंग के कारण होती हैं । अगर आप स्मोकिंग नही करते लेकिन कोई ध्रुमपान कर रह है ओर आप वह पर खड़े है तो इसे second hand smoking कहते है। WHO द्वारा 29 अप्रैल 2020 को पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट कि समीक्षा के बाद ये कहा गया है कि जो लोग स्मोकिंग करते है उनको कोरोना वायरस के साथ कुछ गम्भीर बीमारिया हो सकती हैं उनके तुलना ने जो स्मोकिंग नही करते है। covid-19 एक संक्रमण बीमारी है जो फेफड़ों पर हमला करती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिनको ग़ैर संक्रमण बीमारी है जैसे cardiovascular, cancer ,diabetes जैसी गंभीर बीमारिया है उनके लिए कोरोना वायरस अधिक घातक है । WHO इस नए शोध पर लगातार मूल्...
कब खत्म होगा COVID-19? डाटा ड्रिवन इनोवेशन लैब का जवाब सिंगापुर विश्वविद्यालय ने कोरोनावायरस के अंत के समय पर कुछ दिलचस्प शोध किए हैं। कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर की मीट मार्केट से निकाल कर आज सारी दुनिया में महामारी का रूप ले चुका है  इससे दुनिया के लगभग 200 से भी अधिक देश चपेट में आ चुके है । कोरोना वायरस आज वैश्विक महामारी घोषित हो चुकी है जिस को वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गनेशन ने जनवरी 2020 में  घोषित किया था। आज दुनिया भर के वैज्ञानिक इस कि वैक्सीन को बनाने की कोशिश कर रहा है लेकिन जब तक  इस कि वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक सोशल दिस्टेंसिंग की बात एक्सपर्ट कहते है। इस ही वजह से आज दुनिया के ज्यादातर देश लॉकडाउन है और लोग  घरों में क़ैद हैं । Covid-19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए आज सब का सवाल एक ही है । कोरोना वायरस कब खत्म होगा?  Singapore University of Technology and design ने कोरोना वायरस के ख़त्म होने को लेकर एक अध्धयन किया गया है । ये अध्धयन Singapore University of Technology and design और data driven innovation lab ने मिल कर ये किया है ।...

खून लाल क्यों होता है

आखिर खून लाल ही क्यों होता है?किस का खून नीला होता है? कौन से जानवर का खून हरा होता है? हम सभी लोग जानते है कि खून का रंग लाल होता है पर क्या आप को पता है कि खून लाल ही क्यू होता है । शायद हम लोग टमाटर खाते इसलिए? नहीं ऐसा नहीं है? हमारे खून में मुख्य रूप से plasma, Red blood cell , white blood cell, platelets,  होते हैं । खून में red blood cell कि मात्रा 45 परसेंट होती हैं जबकि plasma की मात्रा 55 परसेंट होती है और प्लेटलेट्स,white blood cell की मात्रा 1 परसेन्ट होती हैं । सभी red blood cells  में हिमोग्लोबिन होती है । हिमोग्लोबिन आयरन से भरपूर प्रोटीन है । हिमोग्लोबिन का काम रक्त प्रवाह के साथ ऑक्सीजन को लाना- ले जाना होता है. जरा गहराई से समझें तो हीम में मौजूद आयरन ऑक्सीजन से क्रिया करता है और इनके मेल से बनने वाला अणु (मॉलेक्यूल) ही फेफड़ों से शरीर के अन्य अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है।ऑक्सीजन और हीमोग्लोबिन से क्रिया के कारण खून लाल रंग का बनता है इस ही कारण खून लाल रंग का होता है इंसानो के  अलावा बहुत जानवर का खून लाल होता है और कुछ जानवर के खून नीला रंग क...
प्लाज्मा थेरेपी क्या है, प्लाज्मा क्या होता है, प्लाज्मा कौन डोनेट कर सकता है, प्लाजमा थेरेपी कैसे की जाती है प्लाज्मा ख़ून में मौजूद पीले रंग का तरल भाग होता है ये Red blood cell, white blood cell ,platelets,को अलग करने के बाद प्लाज्मा निकलता है ।  World Health Organization जरूरी दवाओं की लिस्ट में जरूरी दवाओं में से है । प्लाज्मा का घनत्व लगभग 1025kg/m3 या 1.025g/ml होता है। प्लाज्मा कुल रक्त की मात्रा का 55% बनता है यह ज्यादातर पानी,  protein ,glucose, clotting factors से बनता है । Plasma proteins/प्लाज्मा के प्रोटीन्स Albumins -ये खून के परासरण दाब (osmotic pressure) को बनाए रखने में मदद करता है। Globulins -इस में immunoglobins, प्रतिरक्षा प्रणाली और शरीर के हार्मोंस के लिए जरूरी है।   Fibrinogen - ये खून के थक्के जमाने के काम आती है । Plasma therapy पूरी दुनिया में क्रोना वायरस के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है । corona virus से करण दुनिया में लगभग एक लाख से ज्यादा जाने जा चुकी है भारत ने भी इस का कहर बढ़ता जा रहा है । इसको देखते हुए दुन...
इसके कोई सबूत नहीं:  कोरोना वायरस से स्वस्थ मरीज को एंटीबॉडी बचता है। WHO ऐसे कोई सबूत नहीं है कि कोरोना वायरस से स्वस्थ हुए व्यक्ति को दोबारा कोरोना नहीं हो सकता भले उसके पास एंटीबॉडी हो, विश्वा स्वास्थ्य संगठन ने शनिवार को कहा । कुछ सरकारों ने एंटीबॉडी का पता लगाने और उसके आधार पर इलाज की सलाह दी थी,WHO. वर्तमान में कोई सबूत नहीं है कि जो लोग COVID -19 से स्वस्थ हुए हैं और एंटीबॉडीज इन के पास हैं  दोबारा वह संक्रमण से सुरक्षित हैं। " इस सप्ताह के प्रारंभिक एंटीबॉडी परीक्षण से पता चलता है कि हर पांच में से एक को न्यूयॉर्क में वायरस है, राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त, डॉ Howard Zucker, ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि परीक्षण से लोगों को उनके घरों से बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। New York post